किसान सोलर पंप 2025 आवेदन करें

क्या आपको भी खेती के लिए हर समय बिजली की समस्या है? अब सोलर पंप से पाएं समाधान! किसान कुसुम सोलर के तहत सोलर पंप से खेती को बनाएं आसान! सूरज की ऊर्जा से पाएं स्थिर और सस्ता पानी!

कृपया नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर अपना आवेदन भेजें।

किसानों के लिए सोलर पंप और उन्नत ऊर्जा समाधान
प्रधानमंत्री किसान सोलर 2025 किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें सोलर पंप लगाने के लिए सरकारी सहायता प्रदान करती है। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए फायदेमंद है जो पानी की कमी और बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके तहत, किसानों को 60% केंद्रीय सहायता प्राप्त होती है, साथ ही 30% बैंक से ऋण मिलता है, जिससे किसान केवल 10% का ही भुगतान करते हैं
किसानों को 60% केंद्रीय सब्सिडी
बिजली और पानी की समस्या का समाधान
पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं
सोलर पंपों से खेतों में सुधार
किसी भी सवाल के लिए संपर्क करें

प्रधानमंत्री कुसुम (PM-KUSUM - प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है, जो मुख्य रूप से किसानों और कृषि क्षेत्र पर केंद्रित है।

इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

1. किसानों की आय बढ़ाना (अतिरिक्त आय का स्रोत):

यह योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य है। इसके तहत किसान अपनी बंजर या खाली पड़ी जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plants) लगा सकते हैं। इससे पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली को वे सरकारी ग्रिड (बिजली वितरण कंपनियों) को बेचकर अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं।

2. सिंचाई लागत को कम करना (डीजल से मुक्ति):

भारत में अभी भी लाखों किसान सिंचाई के लिए महंगे डीजल पंपों का उपयोग करते हैं। कुसुम योजना का उद्देश्य इन डीजल पंपों को सोलर वाटर पंपों (Solar Water Pumps) से बदलना है। इससे किसानों का डीजल पर होने वाला भारी खर्च बचता है और सिंचाई की लागत ना के बराबर हो जाती है।

3. पर्यावरण संरक्षण (हरित ऊर्जा को बढ़ावा):

डीजल पंपों के इस्तेमाल से बहुत प्रदूषण होता है। सौर ऊर्जा का उपयोग करके, यह योजना कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में मदद करती है। यह 'ग्रीन एनर्जी' की दिशा में एक बड़ा कदम है।

4. किसानों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना:

किसानों को अक्सर सिंचाई के लिए बिजली की समस्या (कटौती या रात में बिजली आना) का सामना करना पड़ता है। सोलर पंप लगने से किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए भरोसेमंद बिजली मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं।

5. बिजली कंपनियों (DISCOMs) का बोझ कम करना:

सरकार कृषि कार्यों के लिए बिजली पर भारी सब्सिडी देती है, जिससे बिजली वितरण कंपनियों पर वित्तीय बोझ पड़ता है। जब किसान खुद सौर ऊर्जा बनाएंगे और इस्तेमाल करेंगे, तो ग्रिड की बिजली पर उनकी निर्भरता कम होगी, जिससे सरकार और कंपनियों पर सब्सिडी का बोझ भी कम होगा।

संक्षेप में:

पीएम कुसुम योजना का उद्देश्य किसानों को 'अन्नदाता' से 'ऊर्जादाता' बनाना, उनकी डीजल पर निर्भरता खत्म करना, आय बढ़ाना और पर्यावरण की रक्षा करना है।

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) की मुख्य विशेषताएं और एक प्रतिनिधि फोटो नीचे दी गई है।

यह फोटो कुसुम योजना के मुख्य उद्देश्य को दर्शाती है: खेत में सौर ऊर्जा से सिंचाई और किसान की समृद्ध

प्रधानमंत्री कुसुम योजना की मुख्य विशेषताएं

इस योजना का पूरा नाम 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान' है। इसका मुख्य लक्ष्य किसानों को डीजल पंपों से मुक्ति दिलाना और उन्हें 'अन्नदाता' से 'ऊर्जादाता' बनाना है।

योजना को तीन मुख्य भागों (घटकों) में बाँटा गया है, जिनकी विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

1. बंजर जमीन से कमाई (घटक-A)

  • क्या है: किसान अपनी बंजर या खाली पड़ी अनुपजाऊ जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plants) लगा सकते हैं।

  • विशेषता: इससे पैदा होने वाली बिजली को किसान सरकारी बिजली कंपनियों (DISCOMs) को बेच सकते हैं।

  • लाभ: यह किसानों के लिए खेती के अलावा एक स्थायी और अतिरिक्त आय का स्रोत बनता है। (फोटो में पीछे दिख रहे बिजली के टावर इसी ग्रिड कनेक्शन का प्रतीक हैं)।

2. डीजल पंपों से आजादी (घटक-B)

  • क्या है: जिन इलाकों में बिजली नहीं पहुँच पाई है (ऑफ-ग्रिड क्षेत्र), वहाँ डीजल पंपों की जगह स्टैंडअलोन (अकेले चलने वाले) सोलर वाटर पंप लगाए जाते हैं। (जैसा कि ऊपर फोटो में दिखाया गया है)।

  • विशेषता: इस पर सरकार भारी सब्सिडी (केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लगभग 60% या उससे अधिक) देती है।

  • लाभ: किसानों का महंगे डीजल पर होने वाला खर्च पूरी तरह बच जाता है और सिंचाई की लागत लगभग शून्य हो जाती है।

3. बिजली बिल से राहत और अतिरिक्त आय (घटक-C)

  • क्या है: जिन किसानों के पास पहले से ही बिजली के ग्रिड से जुड़े हुए सिंचाई पंप हैं, उन्हें सौर ऊर्जा से चलाया जाता है (सोलराइजेशन)।

  • विशेषता: किसान सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं और जब पंप नहीं चल रहा होता है, तो बची हुई अतिरिक्त बिजली वापस ग्रिड को बेच देते हैं।

  • लाभ: इससे न केवल किसानों का बिजली बिल जीरो हो जाता है, बल्कि वे बिजली बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।

संक्षेप में अन्य लाभ:

  • पर्यावरण की रक्षा: डीजल का उपयोग बंद होने से प्रदूषण कम होता है।

  • दिन में सिंचाई: किसानों को रात में बिजली आने का इंतजार नहीं करना पड़ता, वे दिन में सूरज की रोशनी में सिंचाई कर सकते हैं।

पीएम Kusum Solarा

पीएम Kusum Solarा पात्रता

आवेदक की नागरिकता

योजना का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।


जमीन की पात्रता

जो भी व्यक्ति सोलर प्लांट लगाना चाहता है, उसके पास प्रति मेगावाट के हिसाब से लगभग 2 हेक्टेयर भूमि होना जरूरी है।

किन्हें मिलेगा लाभ?

इस योजना का लाभ व्यक्तिगत किसान, किसानों के समूह, पंचायतें, सहकारी समितियाँ, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और जल उपभोक्ता समूह उठा सकते हैं।

दस्तावेजों की जरूरत

आवेदन करने वाले के पास सभी जरूरी दस्तावेज जैसे पहचान प्रमाण, भूमि दस्तावेज, बैंक पासबुक और फोटो होना आवश्यक है।

White ball on green concrete

सोलर पंप सेवाएँ

किसानों के लिए सोलर पंप की सुविधा

60% तक सब्सिडी

फ्री बिजली की सुविधा

सिंचाई में सुधार

Farmers using solar energy for irrigation.
Farmers using solar energy for irrigation.
A close-up of a solar panel system.
A close-up of a solar panel system.

हमारा उद्देश्य

किसानों को सोलर पंप और फ्री बिजली की सुविधा प्रदान करना।

A solar pump installation in a farmer's field.
A solar pump installation in a farmer's field.
Farmers benefiting from solar energy for irrigation.
Farmers benefiting from solar energy for irrigation.

सेवाएँ

हम किसानों के लिए सौर पंप सेवाएँ प्रदान करते हैं।

A solar pump installed in a lush farm field.
A solar pump installed in a lush farm field.
Farmers using solar-powered irrigation system.
Farmers using solar-powered irrigation system.
सौर पंप

फसलों की सिंचाई के लिए सौर पंप की सुविधा उपलब्ध है।

सब्सिडी

60% तक सब्सिडी के साथ सौर पंप के लिए आवेदन करें।

प्रधानमंत्री कुसुम सोलर योजना (PM Kusum Solar Yojana)

जो व्यक्ति अपनी लागत पर सोलर यूनिट लगाता है, उसे ₹1,00,000 प्रति मेगावाट की दर से धरोहर राशि जमा करनी होगी (डिमांड ड्राफ्ट या बैंक गारंटी के रूप में, कम से कम 6 महीने की वैधता के साथ)।

🔒 निष्पादन सुरक्षा राशि सफल आवेदकों से ₹5,00,000 प्रति मेगावाट की सिक्योरिटी ली जाती है। यह राशि 15 दिनों के भीतर जमा करनी होती है और प्रोजेक्ट शुरू होने के 1 महीने बाद वापस कर दी जाती है।

🌾 किसानों को लाभ किसान सोलर पंप से कभी भी सिंचाई कर सकते हैं — बिजली कटौती या डीजल खर्च की चिंता नहीं। पैदावार बढ़ती है और फसल को अच्छा दाम मिलता है।

⚙️ खेत में पंप सेट की लागत

सोलर पंप की अनुमानित कीमतें (HP के अनुसार)

गैलरी

सौर पंपों की सुंदरता और उपयोगिता

A solar pump installed in a lush green farm.
A solar pump installed in a lush green farm.
Farmers using solar pumps for irrigation.
Farmers using solar pumps for irrigation.
Close-up of a solar panel on a farm.
Close-up of a solar panel on a farm.
A farmer checking the operation of a solar pump.
A farmer checking the operation of a solar pump.
A sunny day showcasing solar panels in a field.
A sunny day showcasing solar panels in a field.
Group of farmers discussing solar pump benefits.
Group of farmers discussing solar pump benefits.
KUSUM SOLAR ONLINE REGISTRATION 90% SUBSIDY APPLY